केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 पेश करते हुए देश के करदाताओं को बड़ी राहत देने वाले कई अहम ऐलान किए हैं। सबसे बड़ा फैसला यह है कि इनकम टैक्स एक्ट 1961 की व्यापक समीक्षा के बाद अब नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लाया जाएगा, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। सरकार का कहना है कि नए कानून का उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल, पारदर्शी और करदाताओं के लिए ज्यादा सुविधाजनक बनाना है।
वित्त मंत्री ने बताया कि नए कानून के तहत इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म्स को और सरल बनाया जाएगा, ताकि आम करदाता बिना किसी जटिलता के आसानी से रिटर्न फाइल कर सकें। इसके लिए जल्द ही नए और आसान फॉर्म नोटिफाई किए जाएंगे।
बजट में एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए भी बड़ी राहत दी गई है। अब एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS की कटौती TAN के बजाय PAN के आधार पर की जा सकेगी। इससे प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन में होने वाली कागजी औपचारिकताएं कम होंगी और प्रक्रिया सरल होगी।
सरकार ने TCS (Tax Collected at Source) से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है।
लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत TCS को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है।
ओवरसीज टूर पैकेज पर लगने वाला TCS भी अब 5% की जगह 2% होगा।
इसके अलावा, टूर पैकेज पर TCS की सीमा को 5%/20% से घटाकर 2% कर दिया गया है, और अब इस पर कोई लिमिट भी लागू नहीं होगी।
इस फैसले से विदेश यात्रा करने वालों और विदेश में पैसा भेजने वालों को सीधी राहत मिलेगी।
करदाताओं के लिए एक और बड़ी राहत की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि अब इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की समय-सीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। साथ ही अलग-अलग कैटेगरी के टैक्सपेयर्स के लिए स्टैगर्ड (अलग-अलग) टाइमलाइन तय की जाएगी।
नई डेडलाइन इस प्रकार होगी:
ITR-1 और ITR-2: 31 जुलाई तक
नॉन-ऑडिट केस (बिजनेस और ट्रस्ट): 31 अगस्त तक
इससे करदाताओं को सही तरीके से रिटर्न फाइल करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा और जल्दबाजी में होने वाली गलतियों से बचा जा सकेगा।
बजट में यह भी घोषणा की गई है कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) द्वारा प्राकृतिक व्यक्तियों को दी गई ब्याज राशि को अब इनकम टैक्स से पूरी तरह मुक्त रखा जाएगा। साथ ही इस पर TDS भी नहीं काटा जाएगा। यह फैसला दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
बजट में कई और तकनीकी लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं:
मैनपावर सप्लाई सर्विसेज को अब सेक्शन 194C के तहत लाया जाएगा।
पेनल्टी से इम्युनिटी के दायरे में अब Misreporting of Income से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।
को-ऑपरेटिव सेक्टर को तय शर्तें पूरी करने पर डिविडेंड पर टैक्स छूट दी जाएगी।
इन सभी बदलावों का सीधा फायदा आम करदाता, बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्स को मिलेगा। सरकार का फोकस टैक्स कानूनों को सरल बनाने, कंप्लायंस का बोझ कम करने और ईमानदार करदाताओं को राहत देने पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू होने के बाद टैक्स सिस्टम ज्यादा आधुनिक और यूजर-फ्रेंडली हो जाएगा।
कुल मिलाकर, बजट 2026 में किए गए ये ऐलान टैक्सपेयर्स के लिए राहत भरे हैं और आने वाले समय में भारत के टैक्स स्ट्रक्चर में एक बड़ा सुधार साबित हो सकते हैं।