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पिता और पुलिस ने जताई सामूहिक आत्महत्या की आशंका, कोरियाई खेलों की लत और आर्थिक तंगी की भी सामने आई कहानी, पुलिस हर एंगल से कर रही जांच

गाजियाबाद में तीन बहनों की नौवीं मंजिल से गिरकर मौत, आत्महत्या या मजबूरी? डायरी और मोबाइल से खुलेगा राज

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन सगी बहनों की नौवीं मंजिल से गिरकर हुई मौत का मामला अब भी रहस्य बना हुआ है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शुरुआती जांच में पुलिस और परिजनों की ओर से सामूहिक आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अब तक कोई भी निष्कर्ष पूरी तरह पुख्ता नहीं माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मोबाइल फोन और एक डायरी की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी।

बताया गया है कि यह घटना एक किराये के फ्लैट में रहने वाले परिवार से जुड़ी है। शेयर कारोबार से जुड़े चेतन गुर्जर इस फ्लैट में अपनी दो पत्नियों और साली के साथ रहते थे। मरने वाली तीनों लड़कियां आपस में सगी बहनें थीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, परिवार पिछले कुछ समय से गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था। चेतन गुर्जर को शेयर बाजार में करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था, जिसके बाद परिवार की आर्थिक हालत लगातार खराब होती चली गई।

जानकारी के मुताबिक, फ्लैट का बिजली कनेक्शन भी कटा हुआ था और तीनों लड़कियां पिछले करीब दो साल से स्कूल नहीं जा रही थीं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या आर्थिक तंगी और भविष्य को लेकर बढ़ते दबाव ने इस परिवार को मानसिक रूप से तोड़ दिया था? पड़ोसियों का कहना है कि परिवार हाल के महीनों में काफी परेशान नजर आता था और घर में अक्सर तनाव का माहौल रहता था।

मृतक लड़कियों के पिता और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीनों बहनें कोरियाई खेलों और कंटेंट की आदी थीं और वे बार-बार कोरिया जाने की बात किया करती थीं। इसी आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि वे किसी मानसिक दबाव या भ्रम की स्थिति में सामूहिक आत्महत्या की ओर बढ़ीं। हालांकि, पुलिस इस बात को भी मान रही है कि केवल इस आधार पर किसी नतीजे पर पहुंचना सही नहीं होगा।

घटनास्थल से पुलिस को एक डायरी मिली है, जिसे कथित तौर पर सुसाइड नोट माना जा रहा है। फिलहाल डायरी की हैंडराइटिंग और उसमें लिखी बातों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही तीनों लड़कियों के मोबाइल फोन भी पुलिस के कब्जे में हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि कॉल डिटेल, चैट और सोशल मीडिया गतिविधियों से यह पता चल सकेगा कि घटना से पहले उनके मन में क्या चल रहा था और उन्होंने यह कदम क्यों उठाया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है। आत्महत्या, दुर्घटना या किसी तरह के दबाव—किसी भी संभावना को फिलहाल खारिज नहीं किया गया है। परिवार के अन्य सदस्यों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह समझा जा सके कि घर के अंदर का माहौल कैसा था और क्या लड़कियां किसी तरह के मानसिक तनाव या डर से गुजर रही थीं।

इस घटना ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आर्थिक तंगी, मानसिक दबाव और सामाजिक अकेलापन किस तरह लोगों को अंदर ही अंदर तोड़ देता है। तीन जवान जिंदगियों का इस तरह खत्म हो जाना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सके कि यह मामला सच में सामूहिक आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई और वजह छिपी है।

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