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जल निगम के एमडी राजशेखर की मौजूदगी में हुई बैठक, प्रदेशभर के अधिकारियों ने प्रस्तुत की योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट

लखनऊ में लघु सिंचाई विभाग की बड़ी समीक्षा बैठक, मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने कामकाज का लिया लेखा-जोखा

लखनऊ में लघु सिंचाई विभाग की एक अहम और व्यापक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने विभागीय कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की। इस बैठक में जल निगम के प्रबंध निदेशक राजशेखर भी विशेष रूप से मौजूद रहे। प्रदेशभर से आए विभागीय अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में चल रही योजनाओं और परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।

बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में जल प्रबंधन, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और जलापूर्ति से जुड़ी योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था। मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि विभाग द्वारा बीते कुछ समय में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं। खासतौर पर लघु सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे खेती की उत्पादकता में भी सुधार देखा जा रहा है। मंत्री ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले समय में इन योजनाओं को और तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा।

बैठक में “नमामि गंगे” परियोजना और जलापूर्ति विभाग की उपलब्धियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि कई जिलों में गंगा और उसकी सहायक नदियों की सफाई और संरक्षण से जुड़े कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। मंत्री ने निर्देश दिए कि इन परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए ताकि तय समयसीमा में लक्ष्य पूरे हो सकें।

समीक्षा के दौरान बरसाती पानी की निकासी (ड्रेनेज सिस्टम) को लेकर भी गंभीर मंथन हुआ। हर साल मानसून के दौरान कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आती है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस पर मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाई जाए और शहरी विकास विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम किया जाए।

जल निगम के एमडी राजशेखर ने भी बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तकनीक के बेहतर उपयोग से परियोजनाओं की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में जलापूर्ति और सिंचाई से जुड़ी योजनाएं और ज्यादा प्रभावी ढंग से धरातल पर उतरेंगी।

अंत में मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड लेवल पर जाकर कार्यों की निगरानी करें और जनता से सीधे संवाद स्थापित करें, ताकि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंदों तक पहुंच सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार विकास कार्यों को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी प्रकार की ढिलाई पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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