उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय, गोमतीनगर विस्तार स्थित सभागार में सोमवार, 02 फरवरी 2026 को दो वरिष्ठ सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारियों—पूर्व पुलिस महानिदेशक श्री बी.एस. बेदी और श्री जे.एस. घुंगेश—के निधन पर शोक सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश श्री राजीव कृष्णा सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दिवंगत अधिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को स्मरण किया।
सभा के दौरान पुलिस महानिदेशक ने दोनों अधिकारियों के जीवन और सेवाकाल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्री बी.एस. बेदी और श्री जे.एस. घुंगेश ने अपने पूरे करियर में कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ पुलिस विभाग को नई दिशा देने का कार्य किया। उनके योगदान को पुलिस बल हमेशा सम्मान और गर्व के साथ याद रखेगा।
श्री बी.एस. बेदी का गौरवशाली सेवाकाल
श्री बी.एस. बेदी का जन्म 18 नवंबर 1934 को पंजाब में हुआ था। वर्ष 1961 में उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा में प्रवेश किया। अपने लंबे और विविधतापूर्ण करियर के दौरान उन्होंने सहायक पुलिस अधीक्षक इलाहाबाद से लेकर पुलिस महानिदेशक, जम्मू एवं कश्मीर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उत्तर प्रदेश में उन्होंने जालौन, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, इलाहाबाद, लखनऊ, आगरा और कानपुर जैसे जिलों में वरिष्ठ पदों पर रहकर कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ किया।
वर्ष 1987 में पुलिस महानिरीक्षक और 1991 में अपर पुलिस महानिदेशक के पद पर पदोन्नति के बाद वे प्रतिनियुक्ति पर जम्मू एवं कश्मीर में पुलिस महानिदेशक के रूप में नियुक्त हुए और 15 नवंबर 1993 को सेवानिवृत्त हुए। उन्हें 1979 में “दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक” तथा 1989 में “विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक” से सम्मानित किया गया था। 25 जनवरी 2026 को उनके निधन से पुलिस जगत ने एक अनुभवी और कर्मठ अधिकारी को खो दिया। वे अपने पीछे एक पुत्र और दो पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
श्री जे.एस. घुंगेश का प्रेरणादायक सफर
श्री जे.एस. घुंगेश का जन्म 28 अप्रैल 1948 को करनाल (हरियाणा) में हुआ था और उन्होंने वर्ष 1972 में भारतीय पुलिस सेवा जॉइन की। उन्होंने अभिसूचना, सतर्कता, सीबीसीआईडी, मानवाधिकार, विशेष जांच और रेलवे पुलिस जैसे अहम विभागों में अपनी सेवाएं दीं। गोरखपुर और बरेली जोन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पुलिस महानिरीक्षक के रूप में उनके कार्यकाल को आज भी अनुशासित प्रशासन के लिए याद किया जाता है।
वर्ष 2004 में उन्हें पुलिस महानिदेशक पद पर पदोन्नति मिली और उन्होंने सीबीसीआईडी, अभियोजन, रेलवे पुलिस तथा उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम के अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक जैसे दायित्व निभाए। 30 अप्रैल 2008 को वे सेवानिवृत्त हुए। उन्हें गणतंत्र दिवस 2003 के अवसर पर “दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक” से सम्मानित किया गया था। 15 जनवरी 2026 को उनके निधन से पुलिस विभाग को अपूरणीय क्षति पहुंची है। वे अपने पीछे एक पुत्र और एक पुत्री का परिवार छोड़ गए हैं।
शोक सभा के अंत में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई। पूरे सभागार में गमगीन माहौल रहा और सभी अधिकारियों ने दोनों पूर्व डीजीपी के योगदान को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।