कनाडा और भारत के बीच पहले से चले आ रहे कूटनीतिक तनाव के बीच अब एक नया और गंभीर मामला सामने आया है। कनाडा की प्रमुख जांच एजेंसी रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) को लेकर दावा किया गया है कि उसने अपनी एक गोपनीय रिपोर्ट में कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को भारत सरकार से जुड़ा हुआ बताया है। कनाडा की प्रतिष्ठित मीडिया संस्था ग्लोबल न्यूज ने RCMP की इस गोपनीय रिपोर्ट के तीन पन्नों को सार्वजनिक किया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है।
रिपोर्ट में लॉरेंस बिश्नोई गैंग को एक हिंसक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन के रूप में वर्णित किया गया है, जिसकी गतिविधियां केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कनाडा समेत कई अन्य देशों में भी फैली हुई हैं। दस्तावेजों के अनुसार, यह गैंग हत्या, जबरन वसूली, धमकी और संगठित अपराध जैसे मामलों में संलिप्त रहा है। RCMP का दावा है कि गैंग का नेटवर्क विदेशों में बसे लोगों और संगठनों के जरिए संचालित किया जा रहा है।
ग्लोबल न्यूज की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि RCMP के आंतरिक आकलन में यह संकेत मिले हैं कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुछ गतिविधियों का संबंध भारतीय एजेंसियों से जोड़ा जा रहा है। हालांकि रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह संबंध किस स्तर का है और इसके ठोस सबूत क्या हैं। इसके बावजूद इस तरह का दावा सामने आना भारत-कनाडा संबंधों के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
इस मामले पर वर्ल्ड सिख ऑर्गेनाइजेशन ऑफ कनाडा (WSO) ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। संगठन के प्रवक्ता बलप्रीत सिंह ने कहा कि RCMP और कनाडा सरकार को लॉरेंस बिश्नोई गैंग और भारत सरकार के कथित संबंधों की जानकारी लंबे समय से है, लेकिन राजनीतिक कारणों से इस पर खुलकर कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि कनाडा में रहने वाले सिख समुदाय से जुड़े मुद्दों पर जब भी सवाल उठते हैं, तो उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है।
बलप्रीत सिंह ने यह भी कहा कि यदि RCMP की रिपोर्ट में लगाए गए आरोप सही हैं, तो यह कनाडा की आंतरिक सुरक्षा और संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कनाडा सरकार से मांग की कि वह इस मामले में पारदर्शी जांच कराए और रिपोर्ट के सभी पहलुओं को सार्वजनिक करे।
वहीं दूसरी ओर, भारत सरकार की ओर से इस रिपोर्ट और आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भारतीय पक्ष पहले भी कनाडा में बैठे कुछ संगठनों और व्यक्तियों पर भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप लगाता रहा है। ऐसे में जानकारों का मानना है कि यह नया विवाद दोनों देशों के रिश्तों को और अधिक तनावपूर्ण बना सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह की रिपोर्टें केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं होतीं, बल्कि इनके पीछे अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीतिक समीकरण भी जुड़े होते हैं। RCMP की गोपनीय रिपोर्ट का सार्वजनिक होना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है—क्या यह एक सुरक्षा चेतावनी है, या फिर राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति?
फिलहाल, यह मामला जांच और बयानबाजी के दौर में है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि कनाडा सरकार इस रिपोर्ट पर क्या आधिकारिक रुख अपनाती है और भारत सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है। इतना तय है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग को लेकर उठा यह विवाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ सकता है।