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डिडौली कोतवाली क्षेत्र के कस्बा जोया की घटना, परिजनों ने चाऊमीन–मोमोज जैसे फास्ट फूड को बताया बीमारी की वजह, स्वास्थ्य व खाद्य विभाग अलर्ट

अमरोहा में फास्ट फूड का कथित कहर: 20 वर्षीय शिफा की पेनक्रियाज इंफेक्शन से मौत, 24 दिनों में तीसरा मामला

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से फास्ट फूड के कथित दुष्प्रभाव से जुड़ा एक और गंभीर मामला सामने आया है। डिडौली कोतवाली क्षेत्र के कस्बा जोया निवासी 20 वर्षीय शिफा की पेनक्रियाज इंफेक्शन के चलते दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज के दौरान मौत हो गई। शिफा की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं जिले में बीते 24 दिनों के भीतर फास्ट फूड से जुड़ी यह तीसरी कथित मौत बताई जा रही है।

परिजनों का आरोप है कि शिफा को चाऊमीन, मैगी, मोमोज, पिज्जा और बर्गर जैसे फास्ट फूड खाने की आदत थी। उनका कहना है कि लगातार और अधिक मात्रा में ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन से उसकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद पेट में तेज दर्द और उल्टी जैसी शिकायतें शुरू हुईं। हालत गंभीर होने पर पहले स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया, लेकिन सुधार न होने पर शिफा को दिल्ली एम्स रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने पेनक्रियाज इंफेक्शन की पुष्टि की। इलाज के दौरान शिफा ने दम तोड़ दिया।

बताया जा रहा है कि शिफा की शादी महज आठ महीने पहले ही हुई थी। उसकी असामयिक मौत से न केवल परिवार बल्कि पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

इस घटना ने इसलिए भी चिंता बढ़ा दी है क्योंकि जिले में हाल के दिनों में ऐसे मामलों की संख्या बढ़ती बताई जा रही है। इससे पहले 16 वर्षीय आहना और नीट की तैयारी कर रही छात्रा इलमा की मौत भी कथित तौर पर फास्ट फूड से जुड़ी बीमारियों के कारण होने की बात सामने आई थी। तीनों मामलों में कम उम्र के बच्चों और युवाओं की मौत ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग को अलर्ट कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, खाद्य विभाग की टीम फास्ट फूड की दुकानों, ठेलों और रेस्टोरेंट्स की जांच कर सकती है। साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और एक्सपायरी डेट को लेकर सख्ती बढ़ाए जाने की तैयारी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को संतुलित आहार अपनाने और जंक फूड के अत्यधिक सेवन से बचने की सलाह दी जा रही है।

चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि पेनक्रियाज इंफेक्शन एक गंभीर स्थिति हो सकती है, जो गलत खानपान, अधिक तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड खाने से बढ़ सकती है। हालांकि, वे यह भी स्पष्ट करते हैं कि किसी भी मौत को सीधे तौर पर फास्ट फूड से जोड़ने से पहले चिकित्सकीय जांच और रिपोर्ट का इंतजार जरूरी होता है।

फिलहाल शिफा की मौत को लेकर इलाके में दहशत बनी हुई है। लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि फास्ट फूड की बिक्री पर सख्त निगरानी रखी जाए और जन-जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को इसके संभावित नुकसान के बारे में बताया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

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