लखनऊ। चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान एक यात्री के हैंडबैग से कारतूस बरामद होने से कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। यह घटना उस समय सामने आई जब दिल्ली जाने वाले एक यात्री की सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) द्वारा नियमित स्क्रीनिंग की जा रही थी।
जानकारी के अनुसार, सुरक्षा जांच के दौरान एक्स-रे मशीन में यात्री के हैंडबैग में संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। इसके बाद सीआईएसएफ कर्मियों ने बैग की तलाशी ली, जिसमें चार जिंदा कारतूस पाए गए। कारतूस मिलने की सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और यात्री को तत्काल हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
पूछताछ के दौरान यात्री की पहचान प्रयागराज निवासी वीर सिंह यादव के रूप में हुई। सीआईएसएफ अधिकारियों ने जब यात्री से कारतूस रखने के बारे में सवाल किए तो उसने बताया कि उसके पास वैध शस्त्र लाइसेंस है और कारतूस उसी लाइसेंस से संबंधित हैं। इसके बाद यात्री ने संबंधित शस्त्र लाइसेंस दस्तावेज सुरक्षा अधिकारियों को दिखाए।
सीआईएसएफ द्वारा दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जांच में लाइसेंस वैध पाए जाने के बाद यात्री को राहत दी गई और आगे की कार्रवाई के लिए बरामद कारतूस स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिए गए। नियमों के अनुसार, विमान में बिना पूर्व अनुमति कारतूस ले जाना प्रतिबंधित है, भले ही यात्री के पास वैध लाइसेंस ही क्यों न हो।
सीआईएसएफ अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट सुरक्षा के मद्देनज़र किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। सभी यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले अपने बैग की अच्छी तरह जांच कर लें और किसी भी तरह की प्रतिबंधित या संदिग्ध वस्तु साथ न रखें।
घटना के बाद कुछ समय के लिए सुरक्षा प्रक्रिया और सख्त कर दी गई थी, हालांकि उड़ानों पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। समय रहते कारतूस बरामद हो जाने से एक संभावित सुरक्षा चूक टल गई।